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5100 टेट पास शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आखिर वही हुआ जिसकी उम्मीद थी shikshamitra latest news hindi

 69 हजार शिक्षक भर्ती : 5100 खाली पदों की भर्ती पर लगा ब्रेक, जानिए क्या है असली वजह


69 हजार शिक्षक भर्ती : 5100 खाली पदों की भर्ती पर लगा ब्रेक, जानिए क्या है असली वजह 


नहीं भेजा खाली पदों का विवरण, फंस गई नियुक्ति; 69,000 भर्ती में दो चरण की काउंसलिंग के बाद भी खाली हैं पांच हजार से अधिक पद



प्रयागराज । प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के लिए 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में खाली पदों का विवरण बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से उपलब्ध नहीं कराने की वजह से तीसरे चरण की काउंसलिंग फंस गई है। पंचायत चुनाव और कोरोना संकट की वजह से सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी के बार-बार निर्देश के बाद भी बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने जिले में खाली पदों का विवरण नहीं भेजा।



दअसल 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में दो चरण की | काउंसलिंग के बाद पांच हजार से अधिक पद खाली रह गए थे। मंत्री की घोषणा और अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद सचिव बेसिक | शिक्षा परिषद ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पांच से छह बार खाली पदों का विवरण भेजने का आदेश दिया। लेकिन पहले बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के पंचायत चुनाव में लगे होने और अब तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से खाली पदों का विवरण तैयार नहीं हो सका।


मंत्री की घोषणा के बाद से भर्ती परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से तत्काल तीसरी काउंसलिंग के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। विभाग में कई अधिकारी कोरोना से संक्रमित हैं, ऐसे में काम धीमा चल रहा है। वहीं बीएसए का तर्क है कि कई विसंगतियों की वजह से खाली पदों का आकलन नहीं हो पा रहा है।



69 हजार शिक्षक भर्ती में तीसरे चक्र की काउंसिलिंग हो पाती तब तक कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली। कोरोना के कारण लगभग 5100 पदों पर भर्ती में ब्रेक लग गया है। युवा अब ऑनलाइन काउंसिलिंग की मांग कर रहे हैं। इन पदों पर तीसरे चक्र की काउंसिलिंग से पद भरने की घोषणा मार्च के पहले पखवाड़े में की गई थी। लेकिन विभाग इस दिशा में अभी तक कुछ नहीं कर पाया है। विभाग ने रिक्त पदेां के सही आकलन के लिए जिलों से ब्यौरा मांगा था लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने अभी तक सूचनाएं नहीं भेजी हैं। विभाग में कई अधिकारी कोरोनाग्रस्त हैं लिहाजा इस दिशा में काम सुस्त है।  





बीते हफ्ते अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रिक्त पदों के सही आकलन करते हुए प्रमाणपत्र मांगा था। बीएसए ये तर्क दे रहे थे कि विभिन्न विसंगतियों वाले अभ्यर्थियों की वजह से अभी रिक्त पदों का आकलन नहीं हो पा रहा है जबकि मार्च के पहले हफ्ते में ही सारे स्पष्टीकरण जारी कर दिए गए थे कि किन्हें नियुक्ति पत्र देना है और किनका निरस्त करना है। इसके बाद भी कई जिलों के बीएसए नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रहे हैं और अभ्यर्थियों को दौड़ा रहे हैं। इसके कारण रिक्तियों की गणना भी नहीं हो पा रही है।

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