Thursday, February 25, 2021

शिक्षामित्र साथियों का मानदेय बढ़ कर हुआ इतना देखिए आज की बड़ी खबर shikshamitra mandey regards news hindi

 शिक्षा मंत्री ने बसपा के श्याम सुंदर शर्मा के सवाल पर कहा कि शित्रामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर सरकार फिलहाल कोई विचार नहीं कर रही। बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा जवाब के दौरान बसपा सदस्य पर की गई टिप्पणी पर हंगामा मच गया। बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा द्वारा आपत्ति किए जाने पर मंत्री ने खेद व्यक्त करते हुए क्षमा याचना की। तब मामला शांत हुआ।




हुआ यूं कि प्रश्नकाल के दौरान बसपा के श्याम सुंदर शर्मा ने सवाल के जरिये जानना चाहा कि क्या सरकार शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 रुपये तक किया गया था। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया। फिलहाल, शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर कोई विचार नहीं हो रहा है।



इस पर श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कोई सीमा तय नहीं की है कि मानदेय न बढ़ाया जाए। सरकार चाहे तो दस हजार रुपये से बढ़ा भी सकती है। शिक्षा मित्रों के मुद्दे पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाना चाहिए। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सदस्य बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। ऐसा किसी खास वजह से किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने टिप्पणी करते हुए कुछ ऐसा कहा जिस पर बसपा सदस्यों ने आपत्ति कर दी।


बसपा के नेता लालजी वर्मा ने मंत्री द्वारा टिप्पणी किए जाने पर कड़ा विरोध किया। उन्होंने अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित से कहा कि मंत्री की टिप्पणी को तुरं कार्यवाही से हटाया जाए। अध्यक्ष ने व्यवस्था देते हुए कहा कि कार्यवाही को देख लिया जाएगा कि क्या आपत्तिजनक है। इस पर भी लालजी वर्मा शांत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सदस्य जनता की आवाज उठा रहे हैं। उनके दल में ऐसे लोग नहीं हैं बांहें उठा-उठाकर लोकप्रियता हासिल करते हैं। मंत्री अनर्गल प्रयास कर रहे हैं। जिन सदस्य श्याम सुंदर शर्मा ने सवाल उठाया है वे 8वीं बार विधानसभा के सदस्य हुए हैं। मंत्री ने आक्षेप किया है। 


इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मंत्री के लिखित जवाब में स्पष्ट है कि मानदेय बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। इस पर भी बसपा सदस्यों ने आपत्ति जारी रखी तो बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने अपने स्थान पर खड़े होकर कहा कि उनका ऐसा कोई आशय नहीं था। अगर उनकी बात से किसी को ठेंस लगी है तो वह क्षमा प्रार्थी है और अपने शब्द वापस लेते हैं। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।


Monday, February 22, 2021

उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षामित्रो के लिए बड़ी खबर shikshamitra samayojan news hindi

 हम सब के आदर्श एवं बड़े भाई मा.सांसद श्री कौशल किशोर जी द्वारा मा.मुख्यमंत्री जी मुलाकात के दौरान लगभग 20मिनट बातें हुई है जिसमें10मिनट शिक्षामित्रों के भविष्य पर ही चर्चा हुई है।तरह-तरह के कमेंट कुछ बेचैन आत्माओं द्वारा किया जा रहा है बेचैन आत्माओं से कहना चाहता हूंआप धैर्य...



उसमें शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर विशेष बात हुई है जिस में शिक्षामित्रों की समस्या हेतु जितेन्द्र शाही ने मुख्यमंत्री को कौशल किशोर द्वारा ज्ञापन सौंपा था जितेन्द्र शाही अपने फेसबुक अकाउंट पर एक इस पोस्ट के माध्यम से बता रहे हैं कि शिक्षामित्रों की समस्या जल्द निवारण होने वाली है क्योंकि शिक्षामित्र 4 साल से सरकार की तरफ आस लगाए हुए बैठा है।



वह आज शिक्षामित्रों की समस्या पूर्ण होने जा रही है सोशल मीडिया पर आजकल चर्चा चल रही है कि सरकार में शिक्षा मित्रों के प्रति कोई हलचल नहीं हो रही है आने वाला समय बताएगा कि शिक्षामित्रों के हित में सरकार कार्य करती है कि नहीं जितेन्द्र शाही का यह कहना है।




कि शिक्षामित्रों के भविष्य को सिर्फ यही सरकार उज्जवल करेगी और वह विश्वास दिलाते हैं कि आने वाले दिनों में शिक्षामित्रों की समस्या को जड़ से निवारण करके उनकी समस्या को जल्द समाधान किया जाएगा।

माननीय सांसद कौशल किशोर जी ने शिक्षामित्रों को पहले ही भी आश्वासन दिया था कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और सरकार कुछ बड़ा कदम उठाने वाली है जिससे शिक्षामित्रों की समस्या का जड़ से निवारण हो सके सत्य आपको बता दें कि जितेन साईं समय-समय पर शिक्षामित्रों की संगठन की तरफ से अपना ऑडियो वीडियो के माध्यम से संदेश देते रहते हैं

Sunday, February 7, 2021

शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करने व 62 वर्ष सेवाकाल जल्द खुशखबरी shikshamitra latest news

 शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग



उन्नाव। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने सीएम को संबोधित दो सूत्री मांगों का ज्ञापन सदर विधायक को दिया। उन्होंने शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की।




शिक्षामित्र संघ के जिला संरक्षक दीपनारायण त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षामित्र स्नातक, बीटीसी व इक्कीस सालों का अनुभव रखते हैं। विधानसभा चुनाव के समय संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्या को तीन महीने में निस्तारित करने की बात कही गई थी। जिले में 3248 शिक्षामित्र कार्यरत हैं जो भविष्य की चिंता व अल्प मानदेय के कारण दयनीय स्थिति में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि 20 अगस्त 2018 में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में बनी हाई पावर कमेटी के निर्णय में शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित किया गया है। शिक्षामित्रों को भी राज्य के अन्य कर्मचारियों की तरह चिकित्सा, बीमा, 14 आकस्मिक अवकाश के साथ, 62 साल का कार्यकाल करते हुए प्रशिक्षित वेतनमान व अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। ज्ञापन देने वालों में सुधाकर शुक्ला, कुलदीप शुक्ला, कमलकांत, भानु प्रताप सिंह शामिल रहे।