Sunday, January 31, 2021

आखिरकार लंबे इंतजार के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय जारी हो ही गया shikshamitra mandey regards news hindi

 शिक्षामित्रों को पिछले साल दिसंबर और इस वर्ष जनवरी के मानदेय भुगतान के लिए समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने कुल 268.7 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी कर दी है। मानदेय का भुगतान शिक्षामित्रों के बैंक खातों में पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये किया जाएगा। 


शिक्षामित्रों का माह दिसंबर 2020, जनवरी 2021 का मानदेय का भुगतान करने के संबंध में आदेश जारी


शिक्षामित्र मानदेय माह नवंबर 2020 का हुआ जारी, देखें जिलावार आवंटित धनराशि व महानिदेशक का आदेश

Friday, January 29, 2021

शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर ही होगा उनका कल्याण, देखिए आज की बड़ी खबर shikshamitra maandey related news hindi

 शिक्षामित्रों के मानदेय के संबंध में जितेंद्र शाही का ट्वीट

शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर ही होगा उनका कल्याण, देखिए आज की बड़ी खबर shikshamitra maandey related news hindi

मित्रों आप सभी साथियों को सूचित किया जाता है कि *सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्य शिक्षा मित्रों के मानदेय भुगतान के लिए शासन स्तर से लगभग दस अरब रू० की ग्रांट अवमुक्त करके समग्र शिक्षा कार्यालय को आदेश भेज दिया गया है।*


अब 1 से 2 दिन के अंदर समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय से जनपदों को आदेश भेजा जाएगा। *जिसके बाद जनपदों पर मानदेय का भुगतान हो सकेगा।* आप सभी साथी जिस तरह से धैर्य एवं संयम का परिचय दे रहे हैं, इसी तरह से धैर्य बनाए रखें,।




इसी के साथ....


जय शिक्षक.....

जय शिक्षा मित्र.....


आपका,

जितेंद्र शाही,

विश्वनाथ सिंह कुशवाहा,


लेखक,

सय्यद जावेद मियाँ,

प्रांतीय प्रवक्ता,

आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश।

Wednesday, January 27, 2021

शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खबर, इसी हफ्ते जारी होगा दो महीने का बकाया मानदेय  shikshamitra mandey regards news hindi

शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खबर, इसी हफ्ते जारी होगा दो महीने का बकाया मानदेय  shikshamitra mandey regards news hindi



बजट का आवंटन न हो पाने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा सका है. अब बजट से संबंधित फाइल चल रही है और इसके जल्द ही जारी होने की संभावना बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के आखिर तक हर हाल में बजट जारी हो जायेगा




लखनऊ. प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को दो महीने से मानदेय नहीं मिला है. राज्य सरकार ने नवम्बर और दिसम्बर का भुगतान रोककर रखा है. ऊपर से अब धीरे धीरे जनवरी भी समाप्ति की ओर है. ऐसे में शिक्षा मित्रों और उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है लेकिन, खुशखबरी की बात ये है कि इसी हफ्ते बकाये मानदेय का भुगतान हो सकता है. डीजी स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने न्यूज़18 को बताया कि हर हाल में इस हफ्ते शिक्षामित्रों के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा. किसी भी सूरत में कोई भी विलंब की संभावना नहीं है.


बता दें कि बजट का आवंटन न हो पाने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया जा सका है. अब बजट से संबंधित फाइल चल रही है और इसके जल्द ही जारी होने की संभावना बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के आखिर तक हर हाल में बजट जारी हो जायेगा और बकाये मानदेय का भुगतान बेसिक शिक्षा विभाग कर देगा. बता दें कि मानदेय न मिलने के कारण शिक्षामित्रों का नया साल सूखा-सूखा ही रहा. हालांकि शिक्षामित्रों के नेता अनिल यादव (अध्यक्ष, यूपी दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ) ने कहा कि उन्होंने कई दिन पहले विभागीय अफसरों से भेंट करके भुगतान की मांग की थी लेकिन, अभी तक सिर्फ आश्वासन मिला है.


इतना मिलता है मासिक मानदेय

प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में तैनात डेढ़ लाख शिक्षा मित्रों को 10 हजार रूपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है. इनके मानदेय में 60 फीसदी केन्द्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार का अंशदान होता है. इसी वजह से अक्सर बजट जारी होने में दिक्कत होती है और मानदेय का भुगतान लटक जाता है. प्रदेश में दो तरह के शिक्षा मित्र प्राइमरी स्कूलों में तैनात हैं. 1 लाख 35 हजार सर्व शिक्षा अभियान के तहत जबकि लगभग 15 हजार बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत.

Sunday, January 24, 2021

शिक्षामित्रों के मामले पर आए ऑर्डर की संपूर्ण जानकारी इस वीडियो के माध्यम से: दिनेश मिश्रा जी से फोन वार्ता shikshamitra latest news

 शिक्षामित्रों के मामले में आए ऑर्डर की संपूर्ण जानकारी इस वीडियो के माध्यम से: दिनेश मिश्रा जी से फोन वार्ता





Thursday, January 21, 2021

खुशखबरी : सात साल बाद आई शिक्षक भर्ती, हजारों होंगे दावेदार, 2013 में विज्ञान-गणित की हुई थी भर्ती teacher recruitment news

 खुशखबरी : सात साल बाद जूनियर में आई शिक्षक भर्ती, हजारों होंगे दावेदार, 2013 में विज्ञान-गणित की हुई थी


■ लाखों अभ्यर्थी हर साल देते आ रहे उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी


■ परिषदीय स्कूलों में अब तक सीधी भर्ती नहीं, एडेड स्कूलों की देंगे परीक्षा


■ खुशखबरी : सात साल बाद जूनियर में आई शिक्षक भर्ती हजारों होंगे दावेदार, 2013 में विज्ञान-गणित की हुई थी भर्ती



प्रदेश भर के एडेड जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त पदों के लिए शिक्षक भर्ती पहली बार लिखित परीक्षा से होगी। इससे भी बड़ी खुशखबरी उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए है, जो भर्ती की आस में यूपी व केंद्र की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) दे रहे थे। उन्हें सात साल इंतजार के बाद सीधी भर्ती में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। भर्ती में भले ही पदों की संख्या 1894 ही है लेकिन, एक पद दावेदारों की संख्या कई गुना हो सकती है।





प्रदेश सरकार हर साल परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र प्रयागराज की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा करा रही है। इसमें प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की दो स्तर की परीक्षाएं एक ही दिन में दो पालियों में होती हैं। सूबे के प्राथमिक स्कूलों में नियमित अंतराल पर भर्तियां हो रही हैं लेकिन, उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करने वालों को मौका नहीं मिल पा रहा था। 2019 की टीईटी में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे और 60,068 उत्तीर्ण हुए। इसी तरह से 2016, 2017 व 2018 का भी आंकड़ा है। यानी हर वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की संख्या पचास हजार से अधिक रही है। इसी तरह से केंद्र की टीईटी में भी वर्ष दो बार अभ्यर्थी उत्तीर्ण हो रहे हैं।



परिषदीय स्कूलों में सीधी भर्ती नहीं : बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर सीधी भर्ती नहीं होगी, बल्कि वहां के पद प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को पदोन्नति देकर भरने का प्रविधान नियमावली में किया गया है। ऐसे में अब एडेड जूनियर हाईस्कूल में ही दावेदारी हो सकेगी।



पदोन्नति का मामला भी कोर्ट में : हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक पद पर उन्हीं शिक्षकों को पदोन्नत किया जाए, जो उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण हों। इसे दो जजों की पीठ में चुनौती दिया गया तो कोर्ट ने एकल पीठ में ही निस्तारण का आदेश दिया, तब से यह प्रकरण अधर में लटका है।



2013 में विज्ञान-गणित की हुई थी भर्ती


परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में जुलाई 2013 में विज्ञान व गणित के शिक्षकों की सीधी भर्ती निकाली गई थी। जनवरी-फरवरी 2015 तक सात चरण की काउंसिलिंग के बाद 26115 अभ्यíथयों का चयन हुआ था, नियुक्ति सितंबर-अक्टूबर 2015 में दी जा सकी। आठवें चरण की काउंसिलिंग के बाद जनवरी-फरवरी 2016 में नियुक्ति पत्र दिया गया। अब दो हजार पदों का प्रकरण शीर्ष कोर्ट में विचाराधीन है।

Monday, January 18, 2021

यूपी के शिक्षामित्रों के बदलेंगे दिन, शिक्षामित्रों को ढाई साल से है रिपोर्ट का इंतजार: शिक्षामित्रों को 12 माह का मानदेय और सेवाकाल 62 वर्ष  shikshamitra news hindi 2021

 यूपी के शिक्षामित्रों के कब बदलेंगे दिन, शिक्षामित्रों को ढाई साल से है रिपोर्ट का इंतजार: शिक्षामित्रों को 12 माह का मानदेय और सेवाकाल 62 वर्ष 


प्रदेश के 1.55 लाख शिक्षामित्रों को ढाई साल से हाई पावर कमेटी का इंतजार है। 25 जुलाई 2017 को 1.37 लाख शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों ने बड़ा आंदोलन किया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हाईपावर कमेटी गठित की थी। शिक्षामित्रों की प्रमुख मांगों में 12 माह का मानदेय देते हुए सेवाकाल 62 वर्ष करने, मानदेय में आवश्यक वृद्धि करने, प्रतिवर्ष महंगाई के क्रम में मानदेय बढ़ाने, टीईटी पास सभी शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक का दर्जा देने, 14 सीएल व निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सहित शिक्षकों की भांति समस्त लाभ देने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। इस कमेटी की बैठक 20 अगस्त 2018 को हुई थी। 




लेकिन कमेटी की रिपोर्ट तकरीबन ढाई साल बीतने के बाद आज तक सार्वजनिक नहीं हो सकी है। लगभग 20 साल की सेवा के बाद भी सड़क पर खड़े शिक्षामित्र हाईपॉवर कमेटी रिपोर्ट लाइए, शिक्षामित्र बचाइए् हैज हैशटैग से पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर अभियान चला रहे हैं। शुरुआत में 1.70 लाख शिक्षामित्र थे लेकिन 12- 13 हजार शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पदपर चयन और ढाई हजार के आसपास शिक्षामित्रों के निधन से वर्तमान में 1.55 लाख बचे हैं।


एक नजर में शिक्षामित्र योजना





हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर शिक्षामित्रों के भविष्य को स्थायित्व प्रदान करें, जिससे उन्हें प्रतिदिन होने वाली मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके | -कौशल कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ 


यूपी के शिक्षामित्रों के कब बदलेंगे दिन, शिक्षामित्रों को ढाई साल से है रिपोर्ट का इंतजार: शिक्षामित्रों को 12 माह का मानदेय और सेवाकाल 62 वर्ष 




प्रदेश के 1.55 लाख शिक्षामित्रों को ढाई साल से हाई पावर कमेटी का इंतजार है। 25 जुलाई 2017 को 1.37 लाख शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों ने बड़ा आंदोलन किया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हाईपावर कमेटी गठित की थी। शिक्षामित्रों की प्रमुख मांगों में 12 माह का मानदेय देते हुए सेवाकाल 62 वर्ष करने, मानदेय में आवश्यक वृद्धि करने, प्रतिवर्ष महंगाई के क्रम में मानदेय बढ़ाने, टीईटी पास सभी शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक का दर्जा देने, 14 सीएल व निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सहित शिक्षकों की भांति समस्त लाभ देने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। इस कमेटी की बैठक 20 अगस्त 2018 को हुई 








लेकिन कमेटी की रिपोर्ट तकरीबन ढाई साल बीतने के बाद आज तक सार्वजनिक नहीं हो सकी है। लगभग 20 साल की सेवा के बाद भी सड़क पर खड़े शिक्षामित्र हाईपॉवर कमेटी रिपोर्ट लाइए, शिक्षामित्र बचाइए् हैज हैशटैग से पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर अभियान चला रहे हैं। शुरुआत में 1.70 लाख शिक्षामित्र थे लेकिन 12- 13 हजार शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पदपर चयन और ढाई हजार के आसपास शिक्षामित्रों के निधन से वर्तमान में 1.55 लाख 




एक नजर में शिक्षामित्र यो








हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर शिक्षामित्रों के भविष्य को स्थायित्व प्रदान करें, जिससे उन्हें प्रतिदिन होने वाली मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके | -कौशल कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघजनाबचे हैं।थी। 



Monday, January 11, 2021

 शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों के मानदेय भुगतान की समय सारिणी हुई जारी, शिक्षामित्र अनुदेशक बड़ी खबरें shikshamitra anudeshak mandey regards news

 शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों के मानदेय भुगतान की समय सारिणी हुई जारी, शिक्षामित्र अनुदेशक बड़ी खबरें shikshamitra anudeshak mandey regards news







Saturday, January 9, 2021

डेढ़ लाख शिक्षामित्रों का मानदेय जारी यहां देखें पूरी खबर जल्द ही बड़ी खुशखबरी mandey regards news

 प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्य लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को नवंबर व दिसंबर का मानदेय अभी तक नहीं मिला है, जिसके चलते कोरोना काल में वे अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहे हैं।


शासन की ओर से अभी तक पिछले दो माह का मानदेय भुगतान का बजट जिलों को नहीं भेजा गया है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र वैसे ही अवसाद ग्रस्त हैं, अब दो माह से मानदेय न मिलने से आधिक रूप से संकट से जूझ रहे हैं।


 प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्य लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को नवंबर व दिसंबर का मानदेय अभी तक नहीं मिला है, जिसके चलते कोरोना काल में वे अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहे हैं।




शासन की ओर से अभी तक पिछले दो माह का मानदेय भुगतान का बजट जिलों को नहीं भेजा गया है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र वैसे ही अवसाद ग्रस्त हैं, अब दो माह से मानदेय न मिलने से आधिक रूप से संकट से जूझ रहे हैं।

Tuesday, January 5, 2021

शिक्षामित्रों के हित के लिए उप मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री से मिले भाजपा अध्यक्ष  shikshamitra latest news hindi today

शिक्षामित्रों के हित के लिए उप मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री से मिले भाजपा अध्यक्ष  shikshamitra latest news hindi today

बलिया:- शिक्षा मित्रों की समस्या बुधवार को भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के समक्ष रखा। विधायक ने कम से कम तीस हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने का आग्रह किया। कहा कि होमगार्ड के जवानों को पन्द्रह हजार रुपया महीना मानदेय मिल रहा है, वही बीए, बीटीसी व बीएड शिक्षा मित्रों को दस हजार रुपया मानदेय देना उचित नहीं है।




उल्लेखनीय हैं कि पिछले सप्ताह बलिया के शिक्षामित्रों ने जिला प्रभारी पंकज सिंह के साथ बैरिया विधायक से मिलकर अपनी व्यथा बताई थी। कहा था दस हजार में भरण पोषण नहीं हो पा रहा है। इसी क्रम विधायक सुरेंद्र सिंह बुधवार को उपमुख्यमंत्री से मिलकर शिक्षा मित्रों को कम से कम तीस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की विधायक सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने भरोसा दिया कि जल्द ही शिक्षा मित्रों की समस्या दूर होगी। सरकार शिक्षा मित्रों की समस्या से वाकिफ है । नये वित्तीय वर्ष में इनके लिए कुछ अच्छा होगा

Saturday, January 2, 2021

समान कार्य समान वेतन शिक्षामित्रों का मानदेय ३० हजार प्रतिमाह करने को लेकर मांग जारी जल्द खुशखबरी shikshamitra latest news hindi today

 शिक्षामित्रों का मानदेय ३० हजार प्रतिमाह करने को लेकर मांग जारी जल्द खुशखबरी shikshamitra latest news hindi

टीईटी की तैयारी हेतु शिक्षामित्रों ने सवैतनिक अवकाश की मांग की

सरकारी खबर.इन/ 1 मिनट पहले





शिक्षामित्रों का मानदेय ३० हजार प्रतिमाह करने को लेकर मांग जारी जल्द खुशखबरी shikshamitra latest news hindi


जैसा की आप सभी शिक्षामित्र भाइयों और बहनों जानते हैं कि आप सभी को सिर्फ ₹10000 प्रति माह सरकार की तरफ से दिया जा रहा है जिसको लेकर शिक्षामित्र बहुत ही क्रोधित है और किसी तरह सरकार पर निशाना खेलने के लिए बैठे हैं दोस्तों आपको इस पोस्ट में बताया गया है कि आपका मानदेय ₹30000 प्रतिमाह जल्द ही होने वाला है जिसके द्वारा आप सभी को सूचित किया गया दोस्तों की आप सभी शिक्षामित्र साथियों के जो अध्यक्ष हैं प्रदेश अध्यक्ष उन्होंने मांग की है सरकार से कि हमारा मानदेय ₹30000 प्रतिमाह किया जाए जो कि समान कार्य समान वेतन के चलते हो सकता है


 

राज्य मुख्यालय। शिक्षा मित्रों को टीईटी की तैयारियों के लिए 30 दिन की कोचिंग दी जाए और उन्हें शिक्षक भर्ती की परीक्षा के लिए सवैतनिक अवकाश दिया जाए। उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ की एक बैठक में यह मांग सरकार के सामने रखे जाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि शिक्षा मित्रों का मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी रखी जाएगी। वहीं बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संघ ये मांग भी रखेगा कि अंतरजनपदीय तबादलों की दूसरी सूची भी जारी की जाए। दोस्तों आप सभी से निवेदन है कि इस पोस्ट या इस खबर को ज्यादा से ज्यादा अपने शिक्षामित्र साथियों में शेयर करें

महिला शिक्षामित्र के साथ मारपीट करने वाला प्रधानाध्यापक बीएसए ने किया निलंबित