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शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

यूपी के सभी आंगनवाड़ी केन्द्र प्री प्राइमरी के रूप में संचालित अस्थाई शिक्षकों की खुली किस्मत shikshamitra samayojan latest news

यूपी के सभी आंगनवाड़ी केन्द्र प्री प्राइमरी के रूप में संचालित अस्थाई शिक्षकों की खुली किस्मत shikshamitra samayojan latest news

 यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


लखनऊ। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने व संसाधन जुटाने कौ कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के इजाजत देने पर इसी साल से, नहीं तो शैक्षिक सत्र 2021-22 से संचालित किए जाएंगे।  

नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इस व्यवस्था को लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। इसके लिए हर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए यूनिसेफ ने 'ब्लेंडेड एप्रोच' नाम से कार्यक्रम तैयार किया है। नई शिक्षा नीति में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री-प्राइमरी स्कूल में शिक्षा देना अनिवार्य है। इसे निशुल्क व शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने कौ बात भी कही गई है। इस बर्ष मार्च में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में संचालित करने का सुझाव दिया था
यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


लखनऊ। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने व संसाधन जुटाने कौ कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के इजाजत देने पर इसी साल से, नहीं तो शैक्षिक सत्र 2021-22 से संचालित किए जाएंगे। 


नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इस व्यवस्था को लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। इसके लिए हर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए यूनिसेफ ने 'ब्लेंडेड एप्रोच' नाम से कार्यक्रम तैयार किया है। नई शिक्षा नीति में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री-प्राइमरी स्कूल में शिक्षा देना अनिवार्य है। इसे निशुल्क व शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने कौ बात भी कही गई है। इस बर्ष मार्च में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में संचालित करने का सुझाव दिया था

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