Monday, August 31, 2020

PFMS द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय का हुआ भुगतान देखें आपका नाम है कि नहीं
PFMS द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय का हुआ भुगतान देखें आपका नाम है कि नहीं

बड़ी खबर*
👇👇👇✔️✔️
*जनपद - उन्नाव बना, प्रदेश का पहला जिला, जो कि सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत नियुक्त दिनांक - 29 अगस्त को सभी पीड़ित शिक्षामित्रो को जुलाई माह का मानदेय PFMS के द्वारा भुगतान कर दिया है*
उक्त जानकारी के साथ

Sunday, August 30, 2020

शिक्षामित्रों को अपनी लड़ाई में जीत सरकार हुई ध्वस्त जल्द बांटे जाएंगे नियुक्ति पत्र प्री प्राइमरी में Shikshamitra Samayojan in pre primary school

 शिक्षामित्रों को अपनी लड़ाई में जीत सरकार हुई ध्वस्त जल्द बांटे जाएंगे नियुक्ति पत्र प्री प्राइमरी में Shikshamitra Samayojan in pre primary school

 SHIKSHAMITRA: शिक्षामित्र नए सिरे हाईकोर्ट में लड़ाई निम्न आधार पर लड़े तो कुछ परिणाम मिल सकता है सकारात्मक

माननीय सर्वोच्च न्यायालय मे टीईटी पास शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई पूरी होकर आर्डर रिजर्व हो गया है जिसमें माननीय हाईकोर्ट के सिंगल बेंच से टीईटी पास शिक्षामित्रों के हक में 40%-45%पर रिजल्ट जारी करने का ऑर्डर हुआ था उसके बाद राज्य सरकार द्वारा डबल बेंच से उस आर्डर को खारिज करवाया गया और माननीय सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के आर्डर को बाहल कराने के लिए योजित याचिका पर सुनवाई जारी थी, ध्यान देने योग्य बात यह है कि टीईटी पास शिक्षामित्र हाईकोर्ट से मजबूत पैरवी करके सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी कर रहे हैं  

और माननीय जज महोदय द्वारा उस योजित याचिका में कुछ सकारात्मक टिप्पणी किए गए हैं जिससे टीईटी पास शिक्षामित्रों के हक में फैसला आने की प्रबल संभावना है और उसी याचिका के माध्यम से कई लोग नानटेट शिक्षामित्रों के हक में फैसला करवाने के लिए प्रयासरत हैं यदि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नानटेट शिक्षामित्रों के हक में कोई सकारात्मक फैसला नहीं आता है तो नानटेट शिक्षामित्र जो 124000 के अंतर्गत आते हैं वह लोग माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं उच्च न्यायालय की शिक्षा मित्रों के प्रति ऑर्डर के परिप्रेक्ष्य में अपने हक में फैसला लेने के लिए नए सिरे से हाईकोर्ट में लड़ाई निम्न आधार पर लड़े तो कुछ सकारात्मक परिणाम मिल सकता है --

1- न्यायालय द्वारा कहा गया है कि शिक्षामित्रों के पास अपेक्षित योग्यता नहीं है इसलिए इनका समायोजन निरस्त किया जाता है
   जबकि आरटीई एक्ट 2009 लागू होने के पहले सहायक अध्यापक बनने की प्रक्रिया स्नातक+ बीटीसी थी और आरटीई एक्ट 2009 लागू होने के बाद सहायक अध्यापक बनने की प्रक्रिया स्नातक +बीटीसी+टीइटी किया और इसी आरटीई एक्ट का हवाला देते हुए समायोजन निरस्त किया गया जबकि इसी आरटीई एक्ट के तहत 124000 शिक्षामित्रों को अपेक्षित योग्यता पूरी करने के लिए एनसीटीई द्वारा ही 31 मार्च 2015 तक का समय दिया गया और उस समय के दौरान 124000 समायोजित शिक्षामित्र अपेक्षित योग्यताएं अर्जित की हैं
2- माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने आर्डर में लिखा है कि 124000 का मामला विवादित नहीं है तो फिर 124000 समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन 178000 संख्या के मद्देनजर क्यों निरस्त किया जाता है या जो अपेक्षित योग्यताएं पूरी करते थे उनको भी क्यों हटा दिया जाता है।
3- हाई कोर्ट ने अपने आदेश पैरा 28 में लिखा है कि शिक्षामित्र 23-8- 2010 की अधिसूचना में नहीं जाते हैं, जबकि 124000 शिक्षामित्रों को 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के तहत ही अपेक्षित योग्यता अर्जित करने के लिए 31 मार्च 2015 तक का समय दिया गया और इस दौरान सभी लोग प्रशिक्षित होकर अपेक्षित योग्यताएं अर्जित की। 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना एनसीटीई द्वारा ही बनाई गई और एनसीटीई न ने ही 124000 स्नातक शिक्षा मित्र को 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना से पहले नियुक्त अनट्रेंड टीचर मानते हुए ट्रेंड होने के लिए 31 मार्च 2015 तक का समय दिया तो फिर 124000 शिक्षामित्रों पर 23 अगस्त 2010 के बाद की नियुक्ति का नियम क्यों लागू होता है
4- हाईकोर्ट ने पैरा 29 में लिखा है कि शिक्षामित्र की नियुक्ति शिक्षकों के समान नहीं थी और इनका पद संविदात्मक था, यह नियमित शिक्षक की तरह कार्य नहीं करते थे
        जबकि शिक्षामित्रों की नियुक्ति छात्र शिक्षक अनुपात पूरा करने के लिए ही 11 माह के संविदा पर रखा गया था लेकिन 2007 के बाद संविदा का पद समाप्त करते हुए नियमित शिक्षक की तरह प्रत्येक वर्ष 11 माह के लिए रखा गया और सभी कार्य शिक्षक की तरह करते रहे यहां तक की एक ही रजिस्टर पर शिक्षामित्र और शिक्षक हस्ताक्षर भी करते रहे, जब अध्यापक को किसी कार्य बस बीआरसी या अन्य कार्य से बाहर जाना पड़ता था तो शिक्षण कार की जिम्मेदारी देते हुए पत्र व्यवहार पर भी अंकित करते थे।
5- हाई कोर्ट में पैरा 30 में लिखा है कि शिक्षामित्र धारा 30(2) के तहत लाभ पाने के लिए छूट के हकदार नहीं है क्योंकि इनकी नियुक्ति शिक्षक के समान नहीं हुई है
      जबकि राज्य सरकार और एनसीटीई ने धारा 30(1) के तहत योग्यता पूरी करने वाले स्नातक शिक्षा मित्र को अनट्रेंड टीचर मानते हुए ही धारा 30(2) के तहत योग्यता अर्जित करने के लिए 3१ मार्च 2015 तक समय निर्धारित किया और उस दौरान यह सभी योग्यता अर्जित किए तो फिर कैसे धारा 30(2) के तहत योग्यता अर्जित करने के लिए वैध नहीं है


6- पैरा 31 में हाईकोर्ट लिखा है कि हमारे पास 178000 को नियमित करने का दावा है और दूसरी तरफ कानून और शासन बनाए रखने का कर्तव्य है यदि सभी 178000 लोग अपेक्षित योग्यता पूरी नहीं करते थे लेकिन जो 124000 अपेक्षित योग्यताएं पूरी करते थे तो अपने कर्तव्य का पालन करते हुए इनके अधिकारों के हनन को रोकने के लिए इन के हक में 23 अगस्त 2010 के आधार पर फैसला सुनाते और जो लोग अपेक्षित योग्यता नहीं पूरी करते थे उनको 23 अगस्त 2010 के अधिनियम के तहत अध्यापक बनने के लिए राज्य सरकार को सलाह देते लेकिन कोर्ट के द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
 *निवेदक:-*
 *आगरा जनपद से-*
 मदन गोपाल 9808613471, मुकेश समधिया 7248243319, सुरेश कुमार 8410831193, प्रमोद कुमार 99178 44405

 *बस्ती जनपद से-*
आदित्य नारायण पाण्डेय 9839162820, वीरेंद्र प्रताप सिंह 9919778310, रसीद अहमद 9918313452, जालंधर प्रसाद 9792943202, सुरेन्द्र सिंह 7355956796, मो० खालिद।

 *श्रावस्ती जनपद से-*
  रमेश शुक्ला

 *इटावा जनपद से-*
 वीरेंद्र सिंह 7217321054

 *लखनऊ जनपद से-*
सुनीता देवी 9198932411

 *बदायूं जनपद से-*
धर्मेन्द्र सिंह 8433092382

Saturday, August 29, 2020

Shikshamitra: शिक्षामित्रों को भारांक देते हुए चयन सूची में शामिल करने के सम्बन्ध में शिक्षामित्र संघ ने शासन से की मुलाकात, दिया ज्ञापन जल्द सीएम योगी ले सकते हैं बड़ा और अहम फैसला।
Shikshamitra: 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को भारांक देते हुए चयन सूची में शामिल करने के सम्बन्ध में शिक्षामित्र संघ ने शासन से की मुलाकात, दिया ज्ञापन जल्द सीएम योगी ले सकते हैं बड़ा और अहम फैसला।
 

 


Friday, August 28, 2020

यूपी के सभी आंगनवाड़ी केन्द्र प्री प्राइमरी के रूप में संचालित अस्थाई शिक्षकों की खुली किस्मत shikshamitra samayojan latest news
यूपी के सभी आंगनवाड़ी केन्द्र प्री प्राइमरी के रूप में संचालित अस्थाई शिक्षकों की खुली किस्मत shikshamitra samayojan latest news

 यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


लखनऊ। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने व संसाधन जुटाने कौ कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के इजाजत देने पर इसी साल से, नहीं तो शैक्षिक सत्र 2021-22 से संचालित किए जाएंगे।  

नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इस व्यवस्था को लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। इसके लिए हर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए यूनिसेफ ने 'ब्लेंडेड एप्रोच' नाम से कार्यक्रम तैयार किया है। नई शिक्षा नीति में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री-प्राइमरी स्कूल में शिक्षा देना अनिवार्य है। इसे निशुल्क व शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने कौ बात भी कही गई है। इस बर्ष मार्च में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में संचालित करने का सुझाव दिया था
यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


यूपी : सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी स्कूल के रुप में होंगे संचालित


लखनऊ। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने व संसाधन जुटाने कौ कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के इजाजत देने पर इसी साल से, नहीं तो शैक्षिक सत्र 2021-22 से संचालित किए जाएंगे। 


नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इस व्यवस्था को लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। इसके लिए हर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए यूनिसेफ ने 'ब्लेंडेड एप्रोच' नाम से कार्यक्रम तैयार किया है। नई शिक्षा नीति में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री-प्राइमरी स्कूल में शिक्षा देना अनिवार्य है। इसे निशुल्क व शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने कौ बात भी कही गई है। इस बर्ष मार्च में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में संचालित करने का सुझाव दिया था

Monday, August 24, 2020

शिक्षामित्रों के मामले पर 23 अगस्त को मुख्यमंत्री जी से हुई वार्ता, जल्द कार्यवाही शुरू करने के आदेश shikshamitra today latest news
शिक्षामित्रों के मामले पर 23 अगस्त को मुख्यमंत्री जी से हुई वार्ता, जल्द कार्यवाही शुरू करने के आदेश shikshamitra today latest news

शिक्षामित्रों के मामले पर 23 अगस्त को मुख्यमंत्री जी से हुई वार्ता बिना किसी समाधान से हो गई समाप्त?


*आज दिनांक - 23 अगस्त को मुख्यमंत्री जी से हुई वार्ता बिना किसी समाधान से हो गई समाप्त*?
========================
*जैसा कि आज दिनांक - 23 अगस्त को शिक्षामित्र शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री अभय कुमार सिंह जी ने मुख्यमंत्री जी से उनके आवास पर अनुमति मिलने के क्रम में सायं 5:30 पर ही वार्ता करने का अवसर मिल गया था, कुल 20 मिनट तक वार्ता हुई, आज मुख्यमंत्री जी पीड़ित शिक्षामित्रो की समस्या को सुनने के बजाय अभय जी को बहुत कुछ कहा और सुप्रीम कोर्ट से

समायोजन निरस्त होने से लेकर शर्मा कमेटी बनाने तक की बात धाराप्रवाह सुनाते रहे और अंत में यह भी कह दिया कि फिलहाल अभी हमने शिक्षामित्रो की समस्या का समाधान करने के बारे कुछ भी योजना नहीं बनाई है, और न ही अभी कोई विचार किया है, उचित समय आने पर जैसी स्थिति होगी, वैसा फैसला हमारी सरकार करेगी*?
*आज का मुख्य सार यही है कि हमारे कतिपय फर्जी नेता जो कुछ फर्जी खबर पीड़ित शिक्षामित्रो का भविष्य सुरक्षित करने को लेकर लिखते रहते हैं, वह शत प्रतिशत झूठ रहत है, योगी सरकार का पीड़ित शिक्षामित्रो की पीड़ा के प्रति कोई भी अभी तक सहानुभूति नहीं है, आगे भविष्य में योगी सरकार पीड़ित शिक्षामित्रो के साथ कैसा फैसला करती है? उसे ईश्वर के अतिरिक्त सम्भवतः कोई नहीं जान सकता है*
नोट :- *उक्त वास्तविक खबर अभय कुमार सिंह जी से सीधे फोनिक वार्ता से जानकारी प्राप्त होने के पश्चात ही लिखने का साहस किया हूं*


शिक्षामित्रों के मामले पर 23 अगस्त को मुख्यमंत्री जी से हुई वार्ता बिना किसी समाधान से हो गई समाप्त?

*आज दिनांक - 23 अगस्त को मुख्यमंत्री जी से हुई वार्ता बिना किसी समाधान से हो गई समाप्त*?
========================
*जैसा कि आज दिनांक - 23 अगस्त को शिक्षामित्र शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री अभय कुमार सिंह जी ने मुख्यमंत्री जी से उनके आवास पर अनुमति मिलने के क्रम में सायं 5:30 पर ही वार्ता करने का अवसर मिल गया था, कुल 20 मिनट तक वार्ता हुई, आज मुख्यमंत्री जी पीड़ित शिक्षामित्रो की समस्या को सुनने के बजाय अभय जी को बहुत कुछ कहा और सुप्रीम कोर्ट से

समायोजन निरस्त होने से लेकर शर्मा कमेटी बनाने तक की बात धाराप्रवाह सुनाते रहे और अंत में यह भी कह दिया कि फिलहाल अभी हमने शिक्षामित्रो की समस्या का समाधान करने के बारे कुछ भी योजना नहीं बनाई है, और न ही अभी कोई विचार किया है, उचित समय आने पर जैसी स्थिति होगी, वैसा फैसला हमारी सरकार करेगी*?
*आज का मुख्य सार यही है कि हमारे कतिपय फर्जी नेता जो कुछ फर्जी खबर पीड़ित शिक्षामित्रो का भविष्य सुरक्षित करने को लेकर लिखते रहते हैं, वह शत प्रतिशत झूठ रहत है, योगी सरकार का पीड़ित शिक्षामित्रो की पीड़ा के प्रति कोई भी अभी तक सहानुभूति नहीं है, आगे भविष्य में योगी सरकार पीड़ित शिक्षामित्रो के साथ कैसा फैसला करती है? उसे ईश्वर के अतिरिक्त सम्भवतः कोई नहीं जान सकता है*
नोट :- *उक्त वास्तविक खबर अभय कुमार सिंह जी से सीधे फोनिक वार्ता से जानकारी प्राप्त होने के पश्चात ही लिखने का साहस किया हूं*

Friday, August 21, 2020

shikshamitra samayojan and mandey related important news शिक्षामित्र मानदेय से सम्बन्धित अच्छी खबर जल्द होगा जीवन खुशहाल

shikshamitra samayojan and mandey related important news शिक्षामित्र मानदेय से सम्बन्धित अच्छी खबर जल्द होगा जीवन खुशहाल 

 स्वागत है आप सभी का हमारे इस शानदार और अच्छे से पोस्ट में दोस्तों आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आप सभी शिक्षक साथियों को यह बताएंगे कि आप सभी का मानदेय भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है 

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को माह की पहली तारीख को मानदेय भुगतान का रास्ता साफ हो गया है, मानदेय उपस्थिति प्रपत्र प्रत्येक माह की 21 से अगले माह की 20 तारीख तक का बनेगा

स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने पूर्व में सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया था कि वे अपने-अपने विकासखण्ड में कार्यरत अनुदेशकों व शिक्षामित्रों की उपस्थिति 1 से 31 की जगह प्रत्येक माह की 21 से अगले माह की 20 तारीख तक अर्थात शिक्षकों की भांति लेंगें व प्रत्येक माह अधिकतम 26 तारीख तक हर हाल में कार्यालय को बिल प्रस्तुत कर देंगें लेकिन आदेश के बावजूद बीईओ लगातार लापरवाही बरत रहे हैं जिससे अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान में देरी हो रही है।



 बताते चलें अब शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय का भुगतान पीएफएमएस पोर्टल के द्वारा होगा। इसके लिए सभी अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, खाता संख्या, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि सूचना एक्सेल शीट पर मांगी गई थी किंतु कई विकासखण्डों के बीईओ ने अभी तक यह सूचना बीएसए कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है जिसकारण बीएसए ने सभी बीईओ को अंतिम चेतावनी देते हुये उक्त सूचना तथा अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के मानदेय बिल को निर्धारित समय के अंदर भेजने के निर्देश दिये हैं।

Tuesday, August 18, 2020

shikshamitra mandey related very important news शिक्षामित्रों के समायोजन की बड़ी खबरें

shikshamitra mandey related very important news शिक्षामित्रों के समायोजन की बड़ी खबरें


 हमारे उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षामित्र साथियों के लिए समय की सबसे बड़ी और हम खबर आ रही है जल्द ही उनका मानदेय ₹30000 प्रतिमाह यानी कि प्री प्राइमरी में सम्मिलित किया जाएगा और उनको सरकार के द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा तो जैसे ही शिक्षामित्रों को प्री प्राइमरी में सम्मिलित किया जाता है वैसे उनका मानदेय या फिर वेतन ₹30000 के आसपास कर दिया जाएगा

आपको तो पता ही है कि नई शिक्षा नीति में किस तरह के नियम बनाए गए हैं उसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है तो आज के कुछ बड़ी खबर आ रही थी जो आप नीचे देख सकते हैं थाने में भी लिखा है तो अपने बाकी दोस्तों इस खबर को शेयर करें और बताएं कमेंट के जरिए हमें कैसी लगी आपको तो मिलते हैं अगले पोस्ट में अगले सप्ताह और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए सब्सक्राइब कीजिए

Saturday, August 15, 2020

शिक्षामित्रों को जीत के लिए थोड़ा इंतजार और क्योंकि शब्र का फल मीठा होता है बस नियुक्ति पत्र और पुनः होंगे शिक्षक shikshamitra samayojan latest news hindi
शिक्षामित्रों को जीत के लिए थोड़ा इंतजार और क्योंकि शब्र का फल मीठा होता है बस नियुक्ति पत्र और पुनः होंगे शिक्षक shikshamitra samayojan latest news hindi

 शिक्षामित्रों की भोला शुक्ला मॉडिफिकेशन मामले पर आज सुप्रीमकोर्ट में हुई सुनवाई का सार, मिली अगली डेट

भोला शुक्ला मॉडिफिकेशन मामले की सुनवाई आज आइटम नम्बर-3, मा०जस्टिस यू यू ललित की खण्डपीठ में हुई।

सरकार की तरफ से ASG माधवी दीवान प्रेजेंट हुईं लेकिन भोला शुक्ला की तरफ से कोई वकील प्रेजेंट नही हुआ। इसलिए कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में लिस्ट करने का निर्देश दिया। जब मॉडिफिकेशन दाखिल कर दी तो वकील भी प्रेजेंट करवाना चाहिए था। ऐसा कई बार हो चुका है।

शिक्षामित्रों को जीत के लिए थोड़ा इंतजार और क्योंकि शब्र का फल मीठा होता है बस नियुक्ति पत्र और पुनः होंगे शिक्षक shikshamitra samayojan latest news hindi

*⭕ये मॉडिफिकेशन सिर्फ इस बात के लिए फ़ाइल हुई है कि मुख्य जजमेंट में त्रुटिवश 11 माह की संविदा की जगह 41 माह अंकित हो गया है। बस इसी 41 माह को 11 माह लिखवाना है। इसके अलावा इस मॉडिफिकेशन का कोई मकसद और उद्देश्य नही है।*

💥भोला प्रसाद शुक्ला 5942/2020
अगली सुनवाई 5oct.2020💥

*🔅सूचनार्थ*
••• द लायंस टीम

Thursday, August 13, 2020

शिक्षामित्र साथियों ये पढ़कर आपके होश न उड़ जाए तो कहना shikshamitra latest
यह कोई खबर नहीं है बल्कि खबर से बढ़कर है 


वह जो शिक्षामित्र बंदा है किसी तरह बस जिंदा है|
नाम नौकरी वाला है पर खुद से ही शर्मिन्दा है||
किसी तरह बस जिंदा है........

उम्मीदों का बोझ ढो रहा मन ही मन में वो रो रहा|
देता दिलासा घर भर को पर आशंकित खुद हो रहा|
आशाओं के पंख लगाये उडता हुआ परिंदा है|
किसी तरह बस जिंदा है......

जब अल्प मानदेय पाता था सबके मन को भाता था|
लगन पूर्वक श्रम करता था सबको प्यारा लगता था|
मुख से कुछ न कहता था मन से शिक्षा देता था|
शोषण भी सहता था फिर भी मौन रहता था|
जब आया वक्त फल मिलने का तो हुआ समाज दरिंदा है| |
किसी तरह बस जिंदा है.......

भूल गये शायद वो मंजर जब तम अग्यान का छाया था|
चौपट थी शिक्षा व्यवस्था जब कोई सामने न आया था|
तब शिक्षामित्र ही सामने आया बन के गोविन्दा है|
पर आज किसी तरह बस जिंदा है.......

अब न्यायालय से आस जगी है order ki aas लगी है|
उम्मीदों को पर लगने लगे सपनों के पंछी उडने लगे|
 कृपा ईश की हो जाये हमको न्याय मिल जाये|
बस इसी आस में जिंदा है ....
बस इसी आस में जिंदा है......

Tuesday, August 11, 2020

SHIKSHAMITRA: शिक्षामित्रों के मामले में भोला प्रसाद शुक्ला जी के केस को सुप्रीमकोर्ट में मिली विजय  शिक्षामित्रों को सफलता
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भोला प्रसाद शुक्ला जी का केस 13 अगस्त को ललित जी की बेंच में लगा है, जिसके अनुसार 137000 में शेष बचे हुए पद में सरकार को भर्ती 6 माह अर्थात जुलाई तक मे पूरी करनी थी।
।SHIKSHAMITRA: शिक्षामित्रों के मामले में भोला प्रसाद शुक्ला जी के केस की 13 अगस्त को सुप्रीमकोर्ट में होगी सुनवाई

Sunday, August 9, 2020

शिक्षामित्रों को मिलेगा न्याय जल्द कार्यवाही शुरू करने के आदेश 30000 हो सकता है वेतन जांच होने के पश्चात Shikshamitra today latest news hindi
69000 शिक्षक भर्ती की SIT जांच शीघ्र पूरी करने की मांग हेतु याचिका दाखिल


भारी पैमाने पर हुई है धांधली के आधार पर 69000 शिक्षक भर्ती का परिणाम रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका


69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है। 

उमेश कुमार और दर्जनों अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर बहस कर रहे अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छह जनवरी 2019 को किया गया था। परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली की शिकायतें आई हैं। पुलिस ने कई जगह छापा मार कर लोगों को गिरफ्तार किया है। पैसे भी बरामद हुए हैं। कई सेंटर में परीक्षा दे रहे छात्रों के 150 में से 143 अंक तक आए हैं। जबकि उनके एकेडमिक रिकार्ड काफी खराब हैं। स्पष्ट है कि धांधली हुई है। 


याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ को निर्देश दिया जाए कि वह समय सीमा के भीतर जांच पूरी करे या इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपी जाए। 


उल्लेखनीय है कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का मामला शुरु से ही विवादों में रहा है। इसे लेकर सुप्रीमकोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल हैं। सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए लगभग 37 हजार पदों को छोड़कर शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी रखी हुई है। हालांकि अभ्यर्थियों को सुप्रीमकोर्ट के अंतिम फैसले का भी इंतजार है।

 प्रयागराज : 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में एसआइटी जांच शीघ्र पूरा करने या स्वतंत्र एजेंसी को जांच सौंपे जाने की मांग की गयी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।




यह आदेश न्यायमूíत एमसी त्रिपाठी ने उमेश कुमार व अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन छह जनवरी 2019 को किया गया था। परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत पर पुलिस ने कई जगह छापा मारा और कई लोगों को गिरफ्तार किया है। लेनदेन के पैसे भी बरामद हुए हैं। कई सेंटर में परीक्षा दे रहे छात्रों के 150 में से 143 अंक तक आए हैं, जबकि उनके एकेडमिक रिकॉर्ड काफी खराब हैं। 


याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। उल्लेखनीय है कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती का मामला शुरू से ही विवादों में घिरा रहा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल की गयी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए 37 हजार पदों को छोड़कर शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया अभी जहां की तहां ठप है।

Thursday, August 6, 2020

नई शिक्षा नीति में अब प्री-प्राइमरी की पढ़ाई होगी जरूरी, उसके बाद ही प्राथमिक स्कूलों में मिल सकेगा दाखिला shikshamitra-samayojan-news-hindi


शिक्षा नीति में अब प्री-प्राइमरी की पढ़ाई होगी जरूरी, उसके बाद ही प्राथमिक स्कूलों में मिल सकेगा दाखिला

नई शिक्षा नीति में अब प्री-प्राइमरी की पढ़ाई होगी जरूरी, उसके बाद ही प्राथमिक स्कूलों में मिल सकेगा दाखिला


नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा का जो नया पैटर्न तय किया गया है, उसमें हर बच्चे के लिए अब प्री- प्राइमरी की पढ़ाई जरूरी होगी। इसके बाद ही उसे प्राथमिक स्कूलों में दाखिला मिल सकेगा।




फिलहाल प्री-प्राइमरी की यह पढ़ाई आंगनबाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में आश्रमशालाओं के जरिये होगी। जो तीन साल की होगी। नीति में सभी आंगनबाड़ी को सशक्त बनाने का भी प्रस्ताव किया गया है। जिसमें उनका अपना खुद का एक बेहतर भवन होगा। साथ ही उनके कार्यकर्ताओं को बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित भी किया जाएगा।


नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा सं प्री-प्राइमरी को इसलिए भा जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है क्योंकि विशंषज्ञों का मानना है कि बच्चों के मस्तिष्क का 85 फीसद विकास छह वर्ष की अवस्था से पूर्व ही हो जाता है।

Tuesday, August 4, 2020

शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने जल्द किया जाएगा पूर्ण मानदेय भुगतान Shikshamitra today latest mandey news
मैनपुरी जिले में कार्यरत शिक्षामित्रों को मानदेय भुगतान के लिए अब नई प्रणाली शुरू की जाएगी । शासन ने शिक्षामित्रों को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) से मानदेय भुगतान के निर्देश दिए हैं। 

परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद जिले में पीएफएमएस को प्रभावी बनाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है । नई प्रणाली के कारण जिले के सभी 1950 शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए इंतजार करना होगा। 


जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत मानदेय का भुगतान किया जाता था लेकिन जुलाई से उनके मानदेय के भुगतान के लिए शासन ने पीएफएमएस व्यवस्था की है। 
इस व्यवस्था के तहत शिक्षामित्रों को अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड ब्लॉक स्तर पर संचालित विभाग के सिस्टम में फीड कराना होगा । पैन कार्ड और आधार कार्ड की फीडिंग के बाद ही शिक्षामित्रों को पीएफएमएस व्यवस्था से मानदेय भुगतान किया जा सकेगा। राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में बीएसए को पत्र भेजा है । 

खंड शिक्षाधिकारी कराएं फीडिंग 

बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विकास खंड के सभी शिक्षामित्रों के पैन कार्ड और आधार कार्ड अपने सिस्टम से लिंक कराएं जिससे कि उन्हें जुलाई का मानदेय भुगतान किया जा सके । 

बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना निदेशक ने शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पीएफएमएस से कराने के निर्देश दिए हैं । जिले में इस व्यवस्था को शुरू करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। शीघ्र ही पैन कार्ड और आधार कार्ड की फीडिंग कराकर शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान कराया जाएगा