Thursday, July 30, 2020

45000 शिक्षक के बाद अब 250 और बनने जा रहे शिक्षक जल्द नियुक्ति पत्र जिला आवंटन की प्रक्रिया शुरू shikshamitra samayojan news hindi
69000 शिक्षक भर्ती: 250 नए शिक्षामित्रों के चयन से जिलों में बदलेगी मेरिट, जानिए क्या पड़ सकते हैं प्रभाव


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती में करीब 250 नए शिक्षामित्रों के चयन से कई जिलों में मेरिट बदलेगी। चयनित होने वाले शिक्षामित्र मनचाहे जिले में तैनाती पा जाएंगे लेकिन, कम मेरिट वालों को दूसरे जिले का रुख करना पड़ सकता है। वजह, यह है कि शिक्षामित्रों का गुणांक वेटेज अंक मिलने के कारण अन्य से अधिक रहेगा। हालांकि अभी तो साफ्टवेयर में सुधार कौन करेगा इसी को लेकर दो संस्थान आमने-सामने हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम मई माह में घोषित हुआ था। उसमें वैसे तो 8818 शिक्षामित्र उत्तीर्ण घोषित हुए थे लेकिन, करीब 250 शिक्षामित्रों को वेटेज अंक न मिल पाने की वजह से चयन से बाहर हो गए थे। इस मामले में विभागीय मंत्री के हस्तक्षेप पर लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को नियुक्ति देने का निर्देश हुआ है। इसके लिए साफ्टवेयर में बदलाव करना होगा। असल में प्रदेश में कई ऐसे भी शिक्षामित्र भी तैनात रहे हैं, जिन्होंने दूरस्थ बीटीसी की जगह रेगुलर बीटीसी या फिर विशिष्ट बीटीसी कर रखा है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के आधार पर उन्हें वेटेज अंक का लाभ नहीं दिया जा सका था। ऐसे शिक्षामित्रों ने कई बार बेसिक शिक्षा परिषद पर प्रदर्शन किया था।


इन शिक्षामित्रों को चयन सूची में शामिल करने से पहले से घोषित जिला आवंटन की सूची में बदलाव के आसार हैं, क्योंकि शिक्षामित्रों को वेटेज अंक मिलने के बाद वे चयन में सबसे ऊपर होंगे। अब उन जिलों में जो अभ्यर्थी शीर्ष पर रहे होंगे वे अब नीचे हो जाएंगे। इसका असर कम मेरिट वालों पर पड़ेगा।


हर जिले में अभ्यर्थियों के लिए पद पहले से तय हैं। इसलिए चयनितों की संख्या बढ़ने पर कम मेरिट वालों को दूसरा जिला आवंटित हो सकता है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय परिषद को इस संबंध में पत्र भेज रहा है कि प्रत्यावेदन उन्हें मिले हैं और बदलाव करने का अधिकार परिषद के पास ही है।

Tuesday, July 28, 2020

45000 शिक्षामित्रों को जल्द मिल सकती है बड़ी खुशखबरी जारी हुई नियुक्ति पत्र को लेकर अधिसूचना shikshamitra latest news 45000
● यूपी के 69 हजार असिस्टेंट टीचर भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया

● 69000 भर्ती में कटऑफ बढ़ाना गलत नहीं,  सरकार का सुप्रीमकोर्ट में पक्ष

● बच्चों की शिक्षा की किसी को परवाह नहीं : 69,000 शिक्षक भर्ती मामले पर बोले बीएड उम्मीदवारों के वकील साल्वे

● सभी 45000 शिक्षा मित्रों को शिक्षक नियुक्त किया जाए , सुप्रीमकोर्ट में शिक्षामित्रों की मांग


UP Assistant Teacher Recruitment Case: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के 69 हजार असिस्टेंट टीचरों की भर्ती मामले में हुई बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


● सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या कटऑफ फीसदी बदली जा सकती है
● क्या बीएड स्टूडेंट पेपर में बैठने के लिए पात्रता रखते हैं
● शिक्षा मित्रों की है दलील, बीच एग्जाम में कटऑफ बदलकर 65-60 फीसदी किया गया


यूपी के 69 हजार असिस्टेंट टीचरों की भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला जल्द सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हुई बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुप्रीम कोर्ट इस बात को तय करेगा कि परीक्षा के बीच में क्या कटऑफ बदलकर 60-65 फीसदी किया जा सकता है? इस मामले में शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट इस बात पर भी फैसला देगा कि क्या बीएड स्टूडेंट इस पेपर में बैठने की योग्यता रखते हैं।



सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित की अगुवाई वाली बेंच ने मामले में कहा कि तमाम पक्षकार तीन दिनों में जो भी लिखित दलील पेश करना चाहते हैं वह पेश कर सकते हैं। अदालत ने इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में शुक्रवार को शिक्षामित्रों की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव धवन और राकेश द्विवेदी की ओर से दलील दी गई कि असिस्टेंट टीचर की भर्ती परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 45 फीसदी और रिजर्व कैटगरी के लिए 40 फीसदी रखा गया था। लेकिन पेपर के बीच में उसे बढ़ा दिया गया और उसे 65-60 फीसदी कर दिया गया। ये गैर कानूनी कदम है क्योंकि पेपर के बीच में कटऑफ नहीं बढ़ाया जा सकता है। साथ ही दलील दी गई कि बीएड स्टूडेंट इस असिस्टेंट टीचर की परीक्षा के लिए पात्रता नहीं रखते क्योंकि उन्होंने ब्रिज कोर्स नहीं किया है। असिस्टेंट टीचरों के लिए ये जरूरी है कि आवेदक छह महीने का ब्रिज कोर्स करें।


SC ने 37 हजार पदों को भरने से रोका था
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की दलील का यूपी सरकार ने विरोध किया और यूपी सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एश्वर्य भाटी ने दलील दी कि कटऑफ तय करना गलत नहीं है और बीच परीक्षा में भी ये हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने 9 जून को यूपी सरकार से कहा था कि वह सहायक टीचरों की भर्ती के दौरान 37 हजार पदों को फिलहाल न भरें।


शिक्षा मित्रों की ओर से दी गई सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
यूपी में 69 हजार असिस्टेंट टीचरों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। ऐसा अनुमान से बताया जा रहा है कि करीब 37 हजार शिक्षा मित्र हैं जिन्हें असिस्टेंट टीचर की परीक्षा में 40 से 45 फीसदी नंबर आए हैं। यूपी के 69 हजार असिस्टेंट टीचरों की भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। यूपी सरकार ने टीचरों की भर्ती में एग्जाम के बाद कट ऑफ तय किया था जिसे शिक्षा मित्रों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।


69000 भर्ती में कटऑफ बढ़ाना गलत नहीं,  सरकार का सुप्रीमकोर्ट में पक्ष
 
प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और वकील राकेश मिश्रा ने कहा, कटऑफ बढ़ाना गलत नहों है। भले ऐसा परीक्षा प्रक्रिया के बीच में क्यों न किया गया हो। साथ ही कहा कि एनसीटीई के कानून में बीएड के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता दी गई है और राज्य सरकार उस कानून को मानने के लिए बाध्य है। 


दरअसल, इलाहाबाद की लखनऊ पीठ के 6 मई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने यूपी बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती के कट ऑफ बढ़ाने के निर्णय को सही ठहराया था।


बच्चों की शिक्षा की किसी को परवाह नहीं : 69,000 शिक्षक भर्ती मामले पर बोले साल्वे

यूपी में 69,000 सहाय्रक शिक्षकों को भर्ती मामले पर सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ बकील हरीश साल्बे ने कहा कि यह दुखद है कि यहां बहस इस बात तक सीमित है कि रियायत पाकर शिक्षक पद हासिल किया जाए। किसी को बच्चों की परवाह नहीं। शुक्रवार को करीब तीन घंटे की बहस के बाद कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया। शीर्ष अदालत ने सभी पक्षकारों से तीन दिन में अपना लिखित जबाब दाखिल करने को कहा है।

कोर्ट को इस पर फैसला सुनाना है कि भर्ती परीक्षा में कट- ऑफ 60-65 फीसदी रखना सही है या नहीं। इसके अलावा अदालत यह भी तय करेगी कि क्‍या सहायक शिक्षक के पद के लिए बीएड छात्र पात्रता रखते हैं या नहीं। जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष बीएड उम्मीदवारों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सालवे ने कहा, इस मामले में छात्रों को लेकर कोई बहस नहीं हो रही है। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इस पर किसी का ध्यान नहीं है। उनके मौलिक अधिकारों की तो बात ही नहीं हो रही है। शिक्षामित्र सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील रकेश द्विवेदी और राजीव धवन ने कहा, पिछली भर्ती परीक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों का कटऑफ 45 फोसदी और आरक्षित बर्ग के लिए 40 फीसदी था। इस बार इसे बढ़ाकर 65 और 60 फीसदी कर दिया गया।


सभी 45000 शिक्षा मित्रों को शिक्षक नियुक्त किया जाए , सुप्रीमकोर्ट में शिक्षामित्रों की मांग
 
नई दिल्ली : उप्र के शिक्षामित्रों की ओर से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में बैठे करीब 45000 शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि सभी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास की है। यह भी दलील दी गई कि 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए जो ये पद निकाले गए हैं, ये सहायक शिक्षक के तौर पर नियमित हुए 1,37,500 शिक्षामित्रों को वापस शिक्षामित्र बनाये जाने से सृजित हुए हैं, इसलिए इन पदों पर शिक्षामित्रों का ही अधिकार बनता है। 


हालांकि बीएड और बीटीसी अभ्यर्थियों तथा उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों की याचिका का विरेध किया। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षकों के 69,000 पदों पर भर्ती का है। शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर भर्ती परीक्षा में न्यूनतम योग्यता अंक सामान्य वर्ग के लिए 65 फीसद और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसद स्खे जाने को चुनौती दी है। उनकी मांग है कि न्यूनतम योग्यता अंक पूर्व भर्ती परीक्षा को तरह 45 और 40 फोसद ही होने चाहिए। 


सुप्रीम कोर्ट में शिक्षामित्रों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कह्य कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को आनंद कुमार यादव के केस में फैसला देते हुए शिक्षामित्र से सह्ययक शिक्षक पद पर नियमित हुए 1,37,500 शिक्षामित्रों का नियमन रद कर दिया था। उस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछली बार 68,500 और इस बार 69,000 सह्ययक शिक्षकों की भर्ती निकाली है। दोनों भर्तियों को अगर मिलाया जाए तो कुल वही पद हैं जो शिक्षामित्रों से खाली हुए हैं। धवन ने कहा कि तब शिक्षामित्रों की भर्ती इसलिए रद हुई थी कि वे टीईटी पास नहीं थे, अब एटीआर परीक्षा में बैठे सभी लगभग 45000 शिक्षामित्रों टीईटी पास कर लिया है। ऐसे में उन सभी को सहायक शिक्षक नियुक्त किया जाना चाहिए। शेष सीटों पर अभ्यर्थियों की मेरिट तय होनी चाहिए। लेकिन बीएड अभ्यर्थियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने इन दलील का विरोध किया।

Sunday, July 26, 2020

शिक्षामित्रों को पक्की नौकरी इसी महीने जल्द ही जारी हो सकता है शासनादेश Shikshamitra today latest news

शिक्षामित्रों को पक्की नौकरी इसी महीने जल्द ही जारी हो सकता है शासनादेश Shikshamitra today latest news





Friday, July 24, 2020

शिक्षामित्रों को लेकर जल्द ही जारी हो सकता है अधिनियम 46000 होंगे समायोजित Shikshamitra Today Latest news
प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती में पूछे सवालों के जवाब का विवाद हाईकोर्ट के फैसले से हो चुका है। अब फिर सोशल मीडिया पर एक प्रश्न के जवाब को लेकर हंगामा मचा है। वजह, लोकसभा सचिवालय से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उसका जवाब मांगा गया, सचिवालय ने जो जवाब दिया है वह प्रश्न के जवाब से इतर है। इससे अभ्यर्थी फिर मांग कर रहे हैं कि उन्हें परीक्षा में अंक और दिया जाए।


बेसिक शिक्षा परिषद की प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक की लिखित परीक्षा में प्रश्न पूछा गया था कि भारत की संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे, परीक्षा संस्था ने इसका जवाब विषय विशेषज्ञों के अनुसार सच्चिदानंद सिन्हा माना है, जबकि सूचना का अधिकार में पूछे गए इसी प्रश्न का जवाब लोकसभा सचिवालय ने राजेंद्र प्रसाद दिया है। अभ्यर्थियों का एक वर्ग इसकी मांग लंबे समय से कर रहा था। इसी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका हुई उसमें डबल बेंच ने विषय विशेषज्ञों के जवाब को सही ठहराया है।
र, परीक्षा संस्था के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि यह जवाब उन्होंने नहीं तय किया है, बल्कि विषय विशेषज्ञों का है। कोर्ट ने भी सही माना है। इसलिए विवाद की गुंजाइश नहीं है।

Thursday, July 23, 2020

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना 6000₹ हर साल पाने का प्रोसेस PMKISAN NEWS
आज मैं आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताएंगे कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कैसे रजिस्ट्रेशन करवाएं और इसमें ₹2000 प्रति 4 माह पर पाने का कैसे लाभ उठाएं और साथ ही साथ प्रधानमंत्री के द्वारा कहना ही है कि आपको 1 साल में ₹6000 बिल्कुल मुफ्त में मिलेंगे चलिए हम आपको बताते हैं कि सबसे पहले आपको करना क्या होगा और आपके पास क्या क्या योग्यता होनी चाहिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए तो सबसे पहले आपके पास थोड़ी सी अभी कितनी सी भी जमीन होनी चाहिए यानी कि आपके पास खेती होनी चाहिए जिस पर आप सफल रूप से खेती करते हो या फिर उसके बुवाई जुताई करते हो तभी आप इस योजना में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और आपके पास एक बैंक खाता जरूर होना चाहिए जो कि आधार के द्वारा लिंक होना चाहिए और आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए जो कि चालू हालत में होना चाहिएतो सबसे पहले आपको अपना आधार कार्ड और जो खतौनी की नकल होती है जो भूलेख के द्वारा निकाली जाती है ऑनलाइन में निकाल सकते हैं इसकी लिंक भी मैं आपको दे दूंगा पोस्ट के नीचे और आधार कार्ड लेकर जाना होगा आपको किसी सीएससी आप जन सेवा केंद्र पर वहां पर आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगारजिस्ट्रेशन करवाने के बाद वह आपको सीएससी चालक आपको एक रिसीव देगा वह रिसिप्ट और आधार की फोटो कॉपी और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी और जो आपने खतौनी की नकल निकाली है उसकी फोटो कॉपी लेकर आपको अपने लेखपाल के पास जाना होगा और उसके पास इसे जमा करना होगा जमा करने के बाद एक या दो हफ्ते में आपके पास एक कॉल आएगी जिसमें आप का वेरिफिकेशन किया जाएगा और आपको ₹2000 प्रति 4 माह पर यानी कि ₹6000 प्रति साल मिलने लगेंगे तो यह थी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में रजिस्ट्रेशन कराने से ₹6000 हर साल पाने तक की पूरी प्रोसेस अगर आपको समझ नहीं आई तो आप नीचे लिंक मिल जाएगी और ईमेल आईडी मिल जाएगा वहां से कोई भी सवाल पूछ सकते हैं और कमेंट भी कर सकते हैं दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट कुछ भी हेल्पफुल लगाओ या फिर आपको अच्छा लगा हो तो इसे अपने बाकी किसान भाइयों में जरूर शेयर कीजिए ताकि उनको भी पता लगे कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बिल्कुल एक फ्री योजना जिसमें आप ₹6000 प्रति साल फ्री में पा सकते हैं नमस्कार दोस्तों मिलते हैं अगले पोस्ट में अगली अपडेट के साथ धन्यवाद पोस्ट पढ़ने के लिए*

The Financial Express

शिक्षामित्रों का पुनः होगा समायोजन प्री प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने का आदेश जारी 30 हजार रुपए प्रतिमाह हो सकता है वेतन shikshamitra samayojan news in hindi

शिक्षामित्रों का पुनः होगा समायोजन प्री प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने का आदेश जारी 30 हजार रुपए प्रतिमाह हो सकता है वेतन shikshamitra samayojan news in hindi


Image Source SARKARI KHABAR

Tuesday, July 21, 2020

शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने एवं बकाया भुगतान को लेकर एक बड़ी खबर आई सामने Shikshamitra Today Latest news hindi

SHIKSHAMITRA: शिक्षा मित्रों का मानदेय भुगतान (जिला योजना) हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए धनराशि का हुआ आवंटन Shikshamitra Today Latest NEWS IN HINDI

शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने एवं बकाया भुगतान को लेकर बड़ी खबर




Monday, July 20, 2020

नरेगा क्या है और इसमें काम करने के पैसे कैसे आपको मिलेंगे narega yojna in hindi by ARSHGURU

नरेगा क्या है और इसमें काम करने के पैसे कैसे आपको मिलेंगे


नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक बार फिर से आपके अपने न्यूज़ वेबसाइट पर दोस्तों आज किस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपना आवेदन उत्तर प्रदेश के रोजगार प्रदान करने वाले ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं तो वैसे तो यूपी में बहुत से ऐसे कानून बनाएंगे जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार प्रदान किए जाते हैं उनमें से सबसे मुख्य स्तर पर है नरेगा जिसका पूरा नाम है राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना महात्मा गांधी इसके माध्यम से आपको 1 साल में 100 काम मिलेंगे और अलग-अलग प्रदेश में इसके अलग-अलग प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी तय की गई है हम आपको यहां पर उत्तर प्रदेश में कितनी मजदूरी मिलती हम कैसे रजिस्ट्रेशन कराएं और इसका क्या प्रोसेस है बताएंगे तो आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में जो नरेगा या फिर मनरेगा की प्रतिदिन की मजदूरी दी जाती है वह 201 से ₹200 तक जाती है और जहां तक की यहां पर कितने दिन का मिलता तो 1 साल में 100 काम तो नहीं मिल जाते हैऔर हम आपको बता देंगे कैसे आपका पैसा जो आपने नरेगा में अर्जित किया है कैसे आपके बैंक में पहुंचेगा तो इसके लिए आपको अपने ग्राम विकास अधिकारी आपके ग्राम प्रधान से संपर्क करना होगा और आपको अपनी आधार कार्ड की फोटोकॉपी और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी ग्राम प्रधान या फिर ग्राम विकास अधिकारी को देनी होगी अब यह ग्राम विकास अधिकारी कौन होता है और कहां मिलता है तो ग्राम विकास अधिकारी जिसको हम लोग सेक्रेटरी भी कह सकते हैं जिसके पास आपको जमा करना होगा दस्तावेज आपका और उसके बाद आपने जितने भी दिन काम की है नरेगा में सब का पैसा आपके बैंक अकाउंट में प्रतिदिन 201 या ₹202 के हिसाब से क्रेडिट कर दिया जाएगा तो आपको रजिस्ट्रेशन कहीं नहीं करवाना है बस आपको यह पता रखना है कि किस दिन नरेगा का काम ग्राम पंचायत में चालू हो रहा है या फिर कब तक चलेगा इसका पता ग्राम प्रधान द्वारा लगा सकते हैं तो यह पोस्ट अच्छा लगा तो शेयर जरूर कीजिए नमस्कार दोस्तों