Monday, June 29, 2020

नरेगा योजना क्या है ? और इसमें कैसे नाम दर्ज कराएं जॉब कार्ड कैसे अप्लाई करें what is NREGA??

मनरेगा योजना से सम्बंधित जानकारी 


भारत में अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त नहीं होता है, इसलिए ग्रामीण जनसख्यां रोजगार के लिए शहर की ओर पलायन कर रही है, केंद्र सरकार ने इस पलायन को रोकने के लिए लोगों को ग्रामीण क्षेत्र में ही रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया है | यह मनरेगा योजना के माध्यम से ही सम्भव हो पाया है | मनरेगा योजना क्या है इसके लाभ, कार्य, मजदूरी आदि विभिन्न पहलुओं के बारे में यहाँ विस्तार से बताया जा रहा है |


महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा / MNREGA) भारत में लागू एक रोजगार गारंटी योजना है, जिसे 2 अक्टूबर 2005 को विधान द्वारा अधिनियमित किया गया। यह योजना प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराती है जो प्रतिदिन 220 रुपये की सांविधिक न्यूनतम मजदूरी पर सार्वजनिक कार्य-सम्बंधित अकुशल मजदूरी करने के लिए तैयार हैं। 2010-11 वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए केंद्र सरकार का परिव्यय 40,100 करोड़ रुपए था।

इस अधिनियम को ग्रामीण लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, मुख्य रूप से ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों के लिए अर्ध-कौशलपूर्ण या बिना कौशलपूर्ण कार्य, चाहे वे गरीबी रेखा से नीचे हों या ना हों। नियत कार्य बल का करीब एक तिहाई महिलाओं से निर्मित है। शुरू में इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनिbयम (NREGA) कहा जाता था, लेकिन 2 अक्टूबर 2009 को इसका पुनः नामकरण किया गया।

                                                             


मनरेगा योजना क्या है ?

यह केंद्र सरकार के द्वारा चलायी गयी प्रमुख योजना है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम का विकास और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार प्रदान करना है, इस योजना के द्वारा ग्राम को शहर के अनुसार सुख-सुविधा प्रदान करना है, जिससे ग्रामीणों का पलायन रुक सके |


मनरेगा का पूरा नाम क्या है ?

मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना है, इससे पूर्व इस योजना को राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना (एनआरईजीए) नरेगा के नाम से जाना जाता था |


मनरेगा योजना की शुरुआत और नाम परिवर्तन

केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2 अक्टूबर 2005 को की थी, इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम के अंतर्गत रखा गया था | इस योजना को ग्रामीण लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था | 31 दिसंबर 2009 को इस योजना के नाम में परिवर्तन करके इसे महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना कर दिया गया |



मनरेगा योजना प्रक्रीया

ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्य, ग्राम पंचायत के पास एक तस्वीर के साथ अपना नाम, उम्र और पता जमा करते हैं। जांच के बाद पंचायत, घरों को पंजीकृत करता है और एक जॉब कार्ड प्रदान करता है। जॉब कार्ड में, पंजीकृत वयस्क सदस्य का ब्यौरा और उसकी फोटो शामिल होती है। एक पंजीकृत व्यक्ति, या तो पंचायत या कार्यक्रम अधिकारी को लिखित रूप से (निरंतर काम के कम से कम चौदह दिनों के लिए) काम करने के लिए एक आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। आवेदन दैनिक बेरोजगारी भत्ता आवेदक को भुगतान किया जाएगा।


इस अधिनियम के तहत पुरुषों और महिलाओं के बीच किसी भी भेदभाव की अनुमति नहीं है। इसलिए, पुरुषों और महिलाओं को समान वेतन भुगतान किया जाना चाहिए। सभी वयस्क रोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं।


मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य

इस योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्य कराये जाते है, जिसमे से प्रमुख कार्य इस प्रकार से है |

जल संरक्षण
सूखे की रोकथाम के अंतर्गत वृक्षारोपण
बाढ़ नियंत्रण
भूमि विकास
विभिन्न तरह के आवास निर्माण
लघु सिंचाई
बागवानी
ग्रामीण सम्पर्क मार्ग निर्माण
कोई भी ऐसा कार्य जिसे केन्द्र सरकार राज्य सरकारों से सलाह लेकर अधिसूचित करती है |

मनरेगा योजना से लाभ

1.मनरेगा योजना में ग्रामीण लोगों को अपने परिवेश में ही रोजगार प्राप्त हो जाता है, केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत 100 कार्य दिवस के रोजगार की गारंटी दी है |

2.छत्तीसगढ़ राज्य में महात्मा मनरेगा योजना के अंतर्गत 100 कार्य दिवस को बढ़ा कर 150 कार्यदिवस की रोजगार गारंटी दी है | 50 कार्य दिवस के व्यय का वहन राज्य सरकार के द्वारा किया जायेगा |

3.इस योजना के अंतर्गत परिवार के वयस्क सदस्य के द्वारा आवेदन किया जाता है, आवेदन होने के 15 दिन के अंदर रोजगार प्रदान किया जाता है, यदि किसी कारणवश 15 दिन के अंदर रोजगार प्राप्त नहीं होता है, तो सरकार के द्वारा उसे बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाता है, यह भत्ता पहले 30 दिन का एक चौथार्इ होता है, 30 दिन के बाद यह न्यूनतम मजदूरी दर का पचास प्रतिशत प्रदान किया जाता है |

4.इस योजना में मजदूरी का भुगतान बैंक, डाकघर के बचत खातों के माध्यम से किया जाता है, आवश्यकता पड़ने पर नगद भुगतान की व्यस्था विशेष अनुमति लेकर की जा सकती है |

 मजदूरी कितनी मिलती है ?


भारत के विभिन्न राज्यों में मनरेगा में इस प्रकार मजदूरी प्रदान की जाती है |

राज्य

 मजदूरी (रुपए प्रतिदिन)

आंध्र प्रदेश

 205

अरुणाचल प्रदेश

 177

असम

 189

बिहार

 168

छत्तीसगढ़

 174

गोवा

 254

गुजरात

 194

हरियाणा

 281

हिमाचल प्रदेश

 184 (गैर अनुसूचित क्षेत्र)

हिमाचल प्रदेश

 230 (अनुसूचित क्षेत्र)

जम्मू कश्मीर

 186

झारखण्ड

 168

कर्नाटक

 249

केरल

 271

महाराष्ट्र

 203

मणिपुर

 209

मेघालय

 181

मिजोरम

 194

नागालैंड

 177

ओडिशा

 182

पंजाब

 240

राजस्थान

 192

सिक्किम

 177

मध्य प्रदेश

 174

तमिलनाडु

 224

तेलंगाना

 205

त्रिपुरा

 177

उत्तर प्रदेश

 201

उत्तराखंड

 175

पश्चिमी बंगाल

 191

अंडमान और निकोबार

 250 (अंडमान जिला)

अंडमान और निकोबार

 264 (निकोबार जिला)

चंडीगढ़

 273

दादरा और नागर हवेली

 220

दमन और दीव

 197

लक्ष्यद्वीप

 248

पंडूचेरी

 224




यहाँ पर हमनें आपको पर मनरेगा योजना के विषय में बताया, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो email के माध्यम से पूँछ सकते है, हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |



Wednesday, June 10, 2020

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Thursday, June 4, 2020

किसान क्रेडिट कार्ड लेने की पूरी प्रोसेस इन हिंदी How to Apply Kisan Credit Card
Online in Hindi

नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे किसान क्रेडिट कार्ड क्या है और किसानों को किस प्रकार से इस कार्ड से लाभ मिल सकता है





और साथ ही साथ इस पोस्ट में हम आपको यह भी बताएंगे कि कैसे आप इस कार्ड को ले सकेंगे और भारत की कौन-कौन सी बैंक है जो किसान क्रेडिट कार्ड आपको देंगे तो सबसे पहले जान लेते हैं कि कौन कौन से दस्तावेज लगते हैं किसान क्रेडिट कार्ड लेने के लिए तो किसान क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आपके पास आपके पहचान का प्रमाण और पते का प्रमाण साथ ही साथ आपके पास कितनी जमीन है उसका प्रमाण होना चाहिए तो इन तीनों में आप अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड और जो खेत का कार्ड कागज होता है उसको लगा सकते हैं तो आप बात कर लेते हैं कि आपको कौन-कौन सी बैंक यह सेवा प्रदान करती है तो किसान क्रेडिट कार्ड आपको भारतीय स्टेट बैंक में और बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक साथ-साथ एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक लगभग सारी बैंक किसान क्रेडिट कार्ड दे सकती हैं


तो अब बात करते हैं आपको कैसे अप्लाई करना है तो आपको इस पोस्ट के नीचे बिल्कुल एक लिंक मिलेगी वहां से आप एक फॉर्म को डाउनलोड कर सकते हैं उसके बाद उसको प्रिंट करके और उसको भरकर उसमें अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड साथ अपने खेत का कागज़ लगा सकते हैं और उसके बाद अपने किसी भी नजदीकी शाखा पर किसी भी बैंक जो किसान क्रेडिट कार्ड देती है जो ग्रामीण बैंक देती है वहां जाकर उस फॉर्म को जमा कीजिए उसके बाद शाखा प्रबंधक आपके साथ कुछ अन्य जानकारी साझा करेगा इसके बारे में आपको बताएगा तो आप सभी स्टेप को फॉलो करते हुए किसान क्रेडिट कार्ड आसानी से ले सकते हैं




इसमें आपको कुछ मिलती है जिसने आपको बहुत ही कम ब्याज दर देना पड़ता है और किसान क्रेडिट कार्ड लेने के बहुत सारे फायदे अगर आप इस कार्ड से ऑनलाइन कोई भी सामान जैसे बीज हो गया या फिर फ्यूल या फिर कुछ खेती संबंधित सामान खरीदते हैं तो उसमें आपको बहुत ही कम ब्याज दर देना पड़ेगा साथ ही साथ आपको यह भी बता दे कि किसान क्रेडिट कार्ड लेने पर आपको कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं और और कौन-कौन इस कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है तो अगर आपका नाम पीएम किसान सम्मान निधि योजना जो कि प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गए ऐसी योजना जिसमें किसानों को ₹6000 प्रति साल आर्थिक मदद मिलते हैं वह भी बिल्कुल फ्री आने की 2000 की किस्तों में उनको एक साल में तीन किस दी जाती है तो जिसका नाम पीएम किसान सम्मान निधि योजना में होगा वही इस क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है तो अगर आपका नाम उसमें नहीं है तो उसके लिए भी हमने एक पोस्ट डाली हुई उसको आप पढ़ सकते हैं और स्टेप फॉलो करके अपना नाम उसमें दर्ज करवा सकते हैं तो बस आज किस पोस्ट में इतना ही तो मिलते हैं अगले पोस्ट में नमस्कार दोस्तों




Source E.GOV

Tuesday, June 2, 2020

69000 सहायक शिक्षक भर्ती पर हो रहे विवाद पर 3 जून को फैसला 69000 teacher recruitment news


सहायक शिक्षक के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में अंतरिम राहत के बिन्दु पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना आदेश सुरक्षित कर लिया है। बुधवार को न्यायालय अपना आदेश सुनाएगी। रिषभ मिश्रा व अन्य समेत कई याचिकाओं पर न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल सदस्यीय पीठ ने सोमवार को सुनवाई की।


सोमवार को राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा। विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लगभग पांच घंटे चली सुनवाई के पश्चात न्यायालय ने विवादित प्रश्नों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष भेजने व चयन प्रक्रिया रोकने के बिन्दु पर आदेश सुरक्षित कर लिया। 




उल्लेखनीय है कि याचियों ने 8 मई 2020 को जारी उत्तर कुंजी में चार उत्तरों को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि आपत्ति के सम्बंध में सक्षम अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की है।


उत्तर कुंजी को चुनावी मामले में सुनवाई पूरी

69 हजार

लखनऊ। प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षकों के 69000 पदों पर भर्ती मामले में 8 मई को जारी उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली 25 याचिकाओं पर सोमवार को राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता राधवेंद्र सिंह समेत याचियों के अधिवक्ताओं हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में अपनी बहस परी की। 



सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की याचिकाओं में मांगी गई लखनऊ पीठ अंतरिम राहत के बिंदु को सुनाएगी पर कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित कर आदेश लिया, जो 3 जून को सुनाया जाएगा। न्यायमूर्ति आलोक माथुर ने चेंबर में यह आदेश रिषभ मित्र व अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद दिया। 



याचियों के अधिवक्ता अमित सिंह भदौरिया के मुताबिक अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सवालों के विवादित उत्तरों के संबंध में विशेषज्ञों की समिति गठित कर पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। साथ ही अंतरिम राहत के तौर पर चयन प्रक्रिया पर रोक लगाने की गुजारिश की है।

Monday, June 1, 2020

उत्तर कुंजी को लेकर दूसरा बड़ा अपडेट answer key update
उत्तर कुंजी को लेकर दूसरा बड़ा अपडेट answer key update




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चार अंकों पर बहस दोपहर उत्तर कुंजी कोर्ट अपडेट 69000 answer key latest news
दोपहर उत्तर कुंजी कोर्ट अपडेट 69000 answer key latest news