सभी प्रदेशों की सरकारों के पास आने वाले समय में सिर्फ प्री प्राइमरी के माध्यम से ही रास्ता शिक्षामित्रों के लिए बचता है, जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा की भी कोई आवश्यकता नहीं है, इसी के क्रम में पंजाब सरकार द्वारा शेष बचे नान टैट 5500 शिक्षा प्रोवाइडरओं (शिक्षामित्र) के लिए प्री नर्सरी के कोर्स के माध्यम से उन्हें समायोजन करने की प्रक्रिया शुरू करने की सहमति बन चुकी है । मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के एक अधिकारी द्वारा पूर्व में भी इस संबंध में बताया गया था कि प्री नर्सरी में राज्यों के द्वारा राज्यों के प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त किए गए पैरा टीचरों / शिक्षामित्रों को शामिल करने में कहीं कोई समस्या नहीं है

लेकिन यह पूरी तरह से प्रदेश सरकारों के ऊपर निर्भर करेगा । प्री नर्सरी में समायोजित करने के उपरांत वेतन /मानदेय आदि का निर्धारण भी प्रदेश सरकारों के माध्यम से ही किया जाना है*

हम आशा करते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार भी इसी रास्ते पर आप सभी शिक्षामित्र साथियों का भविष्य अवश्य सुरक्षित करेगी* धन्यवाद! *कौशल कुमार सिंह* प्रदेश मंत्री, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ।

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